किसान व भालू (bear the farmer)💐
एक किसान अपने खेत में जुताई कर रहा था। तभी उसकी नजर दूर से आते एक भालू पर पड़ी। पहले तो भालू को देखकर किसान के होश उड़ गए ।फिर उसने मन ही मन सोचा और घबराने से मुसीबत कम नहीं होती। मुझे समझदारी से काम लेना चाहिए। यह सोचकर वह अपने काम में लग गया ।भालू जैसे ही किसान की ओर झपटा किसान ने अपने को बचाते हुए कहा । मुझे मार कर तुम्हें क्या मिलेगा। मेरी फसल हो जाने दो उसका आधा भाग मैं तुम्हें दे दूंगा ।भालू ने कुछ सोचा और बोला ठीक है ।लेकिन जमीन के ऊपर की फसल मेरी और नीचे की तुम्हारी होगी ।किसान भी झट से बोला ठीक है ।बहुत सोचकर किसान ने आलू बो दिए ।फसल पकते ही भालू किसान के पास आ धमका। और अपना हिस्सा मांगा लाओ जल्दी से मेरा हिस्सा दो ।किसान ने भालू को पत्ते थमा दिए। पत्ते देखकर भालू का सिर चकरा गया ।भालू गुस्से से बोला यह क्या है ।किसान ने कहा आपके कहे अनुसार ही मैंने आपको हिस्सा दिया। मैंने आलू बोया था। सो पत्ते ही आपके हिस्से में आए। भालू चुप हो गया। कुछ देर बाद फिर बोला ।इस बार जमीन के नीचे की फसल मेरी और ऊपर की तुम्हारी इस बार किसान ने खेत में गेहूं ब...