नन्हा पौधा( little plant)💐
एक गांव में रामदास नाम का एक व्यक्ति रहता था। उसने एक आम का बगीचा लगाया ।वह सारे दिन उसने मेहनत करता था। पौधों की कटाई छटाई करता था। और पेड़ों से आम इकट्ठा करता था। उसने एक छोटा सा नन्हा पौधा लगा।या और उसके चारों और पतली तारों की बाड़ लगा दी। पौधे के आसपास कहीं पुराने पेड़ थे ।पेड़ का भी समय से फल दे रहे थे ।उनमें एक पेड़ रामदास को नया पौधा लगाते हुए देख रहा था ।और वह खुश था। नन्हे पौधे के आने से पौधा भी छोटा था। पेड़ के मन में चिंता थी। रामदास के जाने के बाद पेड़ पौधे से बोला इस बाग में तुम्हारा स्वागत है ।परंतु पौधे ने कोई उत्तर नहीं दिया। पेड़ फिर बोला मैं यहां कई सालों से हूं तुम अभी छोटे हो अपना ख्याल रखना। लेकिन पौधे गुस्से से बोला यहां भला कोई कैसे खुश रह सकता है ।उस व्यक्ति ने मुझे इस बाड में कैद कर दिया है। आजाद रहना चाहता हूं। मुझे बाहर निकालो यहां से। पेड बोला अरे यार तुम क्या कर रहे हो ।तुम अभी बहुत छोटे हो तुम्हारी रक्षा के लिए ही तुम्हें बाढ़ में रखा है। और फिर बोला मैं अपनी रक्षा खुद कर सकता हूं ।हां तुम तो आजाद हो अपनी मर्जी से झ...