Bast moral story in Hindi 2021 for kids

 ढेचूँ की समझ-- 
ढेचुँ हमेशा अकेल रहता था। उसका कोई दोस्त नहीं था। चालाकी नामक लोमड़ी ने उससे दोस्ती करनी चाही। तो ढेचूँ ने हां कर दी ।अब दोनों साथ साथ रहते एक दिन...

 अरे बहुत दिन हो गए कुछ अच्छा नहीं खाया चलो ।पास ही एक तरबूज का खेत है। वही चलते हैं दोनों तरबूज के खेत में पहुंचते हैं ।यह तो बहुत स्वादिष्ट है ।तरबूज है हां मजा आ गया ।अब हम रोज यहां आकर मीठे तरबूज खाया करेंगे। ठीक कहा तुमने ।


लोमड़ी को दूर से खेत का मालिक आता दिखाई ।दिया वाकई तरबूज बहुत अच्छा है। कोई आ गया चालाकी तो हम क्या करेंगे लेकिन लोमड़ी चुपके चुपके वहां से खिसक कर झाड़ी में छिप गई ।लगता है खेत में कोई घुस गया है ।वह तरबूज की चोरी कर रहा है ।उधर ढेंचु तरबूज खाने में लगा था। उसका पेट भर गया था। वह खुशी से चिल्लाने लगा है। 
ढेचुँ...ढेचुँ... ढेचुँ..। जो खेत के मालिक ने आव देखा न ताव और गधे के सिर पर डंडा बरसाना शुरू कर दिया। चालाकी कि मुझे बचाओ मुझे बचाओ ढेचुँ रोते रोते घर पहुंचा चालाकी उससे मिलने तक नहीं आई। ढेचुँ को समझ आ गया था। कि बिना पूछे किसी की चीज नहीं लेनी चाहिए ।और ना किसी पर विश्वास करना चाहिए।

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