किस ने तय किया
अंदर आए तो सुधा ने आवाज लगाई। अब क्या हुआ ।किस लिए बुला रही हो ।या अलमारी खोल दीजिए। संतोष जी ने ऊपर के अलमारी खोली। उसमें कई सारे डिबे करीने से जमे हुए थे ।सब के ऊपर लेवल लगे हुए थे ।अभी क्या करना है। उन्होंने पूछा यह देखिए। इसमें चावला इसमें दलिया है ।यह सारी दालें है ।इसमें यह है इसमें वह हो यह तुम को क्या हो गया है ।आजकल तुम रोज मुझे किचन में बुला रही हो ।और जिस तरह से सब दिखा रही हो समझ नहीं आ रहा है। यह सब क्या है। मैं बच्चा नहीं हूं। लेकिन आपको यह जानना जरूरी है। कि कहां पर क्या चीज रखी हुई है ।नहीं तो आप परेशान हो जाएंगे। परेशान हो जाऊंगा। मतलब मतलब यह है कि सुधा बोली पिछले सप्ताह से आप रोज अलमारी खोलकर एक एक फाइल निकालकर मुझे दिखाते हो। यह देखो यह पेंशन के पेपर है। यह देखो एक एफडी है ।यह सारी पासबुक है ।मेडिकल के पेपर है ।या फिर अपना खाता है ।इस बैंक में लिविंग सर्टिफिकेट जमा होते हैं ।यहां पर यह है । यहां पर वह है ।1 सप्ताह से आपका दिखाया समझाया समझ रही हूं ।इसलिए आपको किचन का जानना भी उतना ही जरूरी है ।जितना मुझे अभी फाइलों को ...